मेरा पेट खाना क्यों नहीं पचा रहा है?HealthPlanet

Posted on Tue 13th Dec 2022 : 16:55

जैसा कि हम जानते हैं कि भोजन का पाचन हमारे मुँह से ही शुरू हो जाता है। इस बात से यह स्पष्ट होता है कि मुँह भी एक प्रकार का पाचन अंग है। जब हम किसी चीज़ को खाते हैं तो जब उस चीज़ को अपने मुँह में चबाते हैं। ऐसे में वह चीज़ छोटे छोटे टुकड़ों में टूट जाती है। इसी के साथ इस चबाएँ गए भोजन में हमारी लार भी मिक्स हो जाती है।

ये लार भोजन को अच्छे से पचाने में काफ़ी मददगार होती है। चबाया हुआ भोजन मुख से होता हुआ ग्रासनाल में जाता है। ग्रासनाल को इसोफ़ेगस भी कहते हैं। इस प्रकार भोजन ग्रासनाल से होता हुआ पेट में पहुँच जाता है। पेट में बहुत सारे पाचक तत्व होते हैं। इन पाचक तत्वों में काफ़ी मात्रा में एन्जाइम और अम्ल पाए जाते हैं। ये चीज़ें भोजन को गलाने और पचाने में मदद करती हैं।

पेट से होता हुआ भोजन आंतों में जाता है जहाँ पर अपशिष्ट पदार्थ से पानी का अवशोषण कर लिया जाता है। इसके पश्चात ख़राब तत्व या मल आँतों से होता हुआ शरीर से बाहर निकल जाता है।

भोजन को पचाने की यह प्रक्रिया वैसे तो काफ़ी सरल दिखाई देती है लेकिन यदि हम सही से भोजन नहीं करते हैं तो ऐसे में हमें काफ़ी परेशानियां हो सकती हैं।

जो लोग अत्यधिक मसालेदार, तैलीय चीजे, जंक फ़ूड इत्यादि का सेवन करते हैं उन में पाचन से संबंधित काफ़ी समस्याएं दिखाई देती हैं। तो आइए देखते हैं कि पाचन से सम्बंधित कुछ समस्याएं और उनके लक्षण क्या हैं। इसी के साथ साथ हम इन समस्याओं के निवारण पर भी प्रकाश डालेंगे।


1.) क़ब्ज़ की समस्या

क़ब्ज़ की समस्या में मलत्याग करने में काफ़ी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जब शरीर में भोजन सही ढंग से पच नहीं पाता है तो ऐसे में क़ब्ज़ की समस्या उत्पन्न हो सकती है। क़ब्ज़ की समस्या के कुछ और भी विशिष्ट कारण हैं जैसे- अत्यधिक मसालेदार भोजन का सेवन, अधपका मांस खाना, ज़्यादा मीठे पदार्थों का सेवन, समय पर भोजन न करना आदि।

इन सभी की वजह से व्यक्ति को क़ब्ज़ की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। क़ब्ज़ से जूझ रहे व्यक्ति के शरीर में भोजन के पाचन के समय भोजन से पानी का अत्यधिक मात्रा में अवशोषण कर लिया जाता है। इस कारण आंतों में बचा हुआ अपशिष्ट पदार्थ सूखने लगता है। यही कारण है कि मल काफ़ी सख़्त हो जाता है और व्यक्ति को शरीर से मलत्याग करने में काफ़ी परेशानी भी होती है।

क़ब्ज़ की समस्या से जूझ रहे व्यक्ति के शरीर में सबसे अहम लक्षण मलत्याग में होने वाली समस्या को लेकर दिखाई देता है। जिस व्यक्ति को क़ब्ज़ होता है उसे कई कई दिन या कभी कभी कभी पूरे हफ़्ते तक मलत्याग नहीं होता है। लगातार क़ब्ज़ की समस्या बनी रहने से बवासीर तथा आंतों के सूखने की संभावना बढ़ जाती है।


2.) अल्सर या पेट में घाव

अल्सर पेट तथा आँतों में हो सकता है। यह एक प्रकार का घाव होता है जो भोजन के सही प्रकार से न पचने के कारण उत्पन्न होता है।

पेट तथा आदतों में अल्सर के लिए कई कारण होते हैं जैसे- अत्यधिक मसालेदार भोजन का लगातार सेवन, कॉफ़ी तथा चाय का अत्यधिक सेवन, जंक फ़ूड तथा कोल्ड ड्रिंक का सेवन, सब्ज़ियों का त्याग आदि।

अल्सर से जूझ रहे व्यक्ति को पेट तथा आंतों में दर्द की समस्या होती है। ऐसे व्यक्ति को कभी कभी उल्टी भी महसूस होती है।।


3.) एसिडिटी

अत्यधिक अम्लीय भोजन करने से एसिडिटी हो सकती है। इसी के साथ साथ एसिडिटी का एक कारण पेट में हाइड्रोक्लोरिक एसिड की मात्रा का अधिक हो जाना भी है। है। जब हम मसालेदार भोजन, कोल्ड्रिंक तथा चाय का अत्यधिक सेवन करने लगते हैं तो ऐसे में हमें एसिडिटी की समस्या हो सकती है। इसी एसिडिटी से पीड़ित व्यक्ति को अजीब सी डकारें आती है जिन्हें खट्टी डकारें भी कहते हैं।

इसी के साथ साथ व्यक्ति के पेट तथा सीने व गले में जलन भी होती है। एसिडिटी के कारण गैस भी हो सकती है।


4.) दस्त

अत्यधिक मात्रा में भोजन कर लेने से दस्त की समस्या हो सकती है। कई बार ऐसा देखा जाता है कि यदि हमारे घर में हमारी मन पसंद कोई चीज़ बनी है तो हम उसे अत्यधिक मात्रा में और कई बार खा लेते हैं। इससे ना सिर्फ़ हमें खट्टी डकारें आती हैं बल्कि पाचन भी बिगड़ जाता है।

पाचन के सही से ना होने के कारण व्यक्ति को दस्त की समस्या हो सकती है। दस्त से पीड़ित व्यक्ति को बार बार मलत्याग के लिए जाना पड़ता है। इसके कारण व्यक्ति के शरीर में पानी की काफ़ी कमी हो सकती है। व्यक्ति को कमज़ोरी भी महसूस होती है।

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